आजकल बढ़ती लीजिंग की सुविधा के चलते बहुत से लोग अपनी ज़रूरतों के अनुसार कार लीज पर लेते हैं। लेकिन जब लीज की अवधि समाप्त होती है, तो सबसे ज़्यादा भ्रम की स्थिति होती है – “अब इसे कैसे वापस करें?” हाल ही में भारत समेत कई देशों में लीज वापसी से संबंधित नीतियों में बदलाव देखने को मिला है। उदाहरण के लिए, अब डेमेज असैसमेंट ज्यादा स्ट्रिक्ट हो गया है और ओवर-माइलेज चार्ज में भी बदलाव आया है। इस लेख में हम 2025 में अपनाई जाने वाली लीज कार की रिटर्न प्रक्रिया को आसान शब्दों में समझाएँगे।
नई प्रक्रिया में पेपरलेस ऑप्शन, मोबाइल चेकलिस्ट और ई-इंस्पेक्शन भी शामिल है। इसके साथ-साथ, जो ग्राहक रिटर्न से पहले तैयारी करते हैं, उन्हें भारी चार्ज से राहत मिल सकती है। यह गाइड न केवल आपको पूरे प्रोसेस में मदद करेगा, बल्कि आपको संभावित फाइन से भी बचा सकता है।
लीज खत्म होने से पहले की तैयारी कैसे करें
लीज समाप्ति से पहले उचित तैयारी आपके लिए एक बड़ी राहत बन सकती है। सबसे पहले, अपने लीज कॉन्ट्रैक्ट की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें। यह जानना जरूरी है कि किन हालातों में एक्स्ट्रा चार्ज लग सकते हैं। आमतौर पर, एक्सेसिव वियर एंड टियर, ओवर माइलेज और मिसिंग एक्सेसरीज़ के लिए अतिरिक्त शुल्क लगता है।
कार के इंटीरियर और एक्सटीरियर की सफाई कराना बहुत जरूरी है। अगर कोई डेंट, स्क्रैच या पेंट का फेडिंग है, तो उसे पहले से ठीक करा लें। टायर की कंडीशन और इंजन ऑयल भी चेक कर लें ताकि रिटर्न के समय कार का कंडीशन ऑप्टिमल हो।
अगर आपके पास कोई एक्स्ट्रा की, मैन्युअल या डॉक्युमेंट्स हैं, तो उन्हें इकट्ठा करके रखें। मोबाइल एप्स का उपयोग करके आप चेकलिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं, जिससे प्रोसेस अधिक स्मूद हो जाता है।
प्री-इंस्पेक्शन क्यों जरूरी है?
प्री-इंस्पेक्शन आपको कार की स्थिति का एक वास्तविक मूल्यांकन प्रदान करता है। आमतौर पर लीजिंग कंपनियां लीज समाप्ति से लगभग 30 दिन पहले प्री-इंस्पेक्शन की सुविधा देती हैं। यह एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा किया जाता है और यह रिपोर्ट आपके लिए एक प्लानिंग टूल का काम करती है।
इस रिपोर्ट में दिखाए गए सभी इश्यूज़ को आप समय रहते ठीक करा सकते हैं, जिससे आपको लीज रिटर्न पर अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट होता है कि कार के कौन से हिस्से लीजिंग एजेंसी की नजर में हैं।
प्रोसेस आमतौर पर 45 मिनट से 1 घंटे का होता है और इसके लिए आप ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। कुछ कंपनियां घर पर भी यह सेवा देती हैं, जोकि बेहद सुविधाजनक है।
रिटर्न डे पर क्या क्या करना है?
जब रिटर्न की तारीख आती है, तो आपकी तैयारी और शांति दोनों की परीक्षा होती है। सुनिश्चित करें कि कार पूरी तरह से साफ हो और उसमें कोई भी पर्सनल सामान ना रह गया हो। अगर आपने प्री-इंस्पेक्शन कराया है और सुधार कर लिए हैं, तो उन बिलों की कॉपी अपने पास रखें।
कई बार एजेंसी की तरफ से रिटर्न फॉर्म साइन कराना होता है, जिसमें कार की वर्तमान स्थिति को नोट किया जाता है। इस पर ध्यानपूर्वक हस्ताक्षर करें और अपनी एक कॉपी जरूर लें। कार की सभी चाबी, मैन्युअल्स और एक्सेसरीज़ लौटाना ना भूलें।
कई कंपनियां अब मोबाइल ऐप के जरिए भी रिटर्न प्रोसेस को मैनेज करती हैं, इसलिए टेक्नोलॉजी का लाभ जरूर उठाएं।
अतिरिक्त शुल्क और उनसे बचने के उपाय
सबसे ज्यादा आशंका एक्स्ट्रा चार्ज की होती है। इन चार्जेस में एक्सेसिव वियर एंड टियर, ओवर-माइलेज, मिसिंग आइटम्स और लेट रिटर्न शामिल हो सकते हैं।
अगर माइलेज तय सीमा से ज्यादा हो गया है, तो प्रति किलोमीटर के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। इसके लिए समय रहते माइलेज ट्रैक करें। स्क्रैच, डेंट या क्रैक विंडशील्ड जैसी चीजें ज्यादा चार्ज का कारण बन सकती हैं, इसलिए इन्हें समय रहते रिपेयर कराना बेहतर है।
अगर आपने समय पर कार नहीं लौटाई तो लेट फीस लग सकती है, जो अक्सर प्रतिदिन के हिसाब से होती है। डॉक्युमेंटेशन में कमी भी आपके लिए एक बड़ा झंझट बन सकती है।
अतिरिक्त शुल्क की पूरी सूची देखें
दस्तावेज़ और चाबी लौटाने की प्रक्रिया
एक बड़ी गलती जो बहुत से लोग करते हैं, वह है दस्तावेज़ या चाबी लौटाना भूल जाना। लीज रिटर्न प्रोसेस में यह एक बहुत अहम हिस्सा है। सभी चाबियाँ – मुख्य और स्पेयर – साथ में लौटाएं।
RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल), इंश्योरेंस डॉक्युमेंट और सर्विस हिस्ट्री भी सौंपना चाहिए। अगर आपकी कार में कोई स्पेशल एक्सेसरी लगवाई गई थी, तो उसे हटाकर कंपनी के अनुसार लौटाएं या उसकी जानकारी दें।
कुछ कंपनियां डिजिटल डॉक्युमेंट भी स्वीकार करती हैं, लेकिन यह उनके पॉलिसी पर निर्भर करता है। बेहतर होगा कि हार्ड कॉपी भी साथ रखें।
लीज रिटर्न के बाद क्या करें?
कार रिटर्न के बाद अक्सर आपको एक फाइनल बिल मिलता है जिसमें क्लीनिंग फीस, कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज और बाक़ी राशि का विवरण होता है। इस बिल को ध्यान से पढ़ें और किसी भी चार्ज पर अगर सवाल हो तो तुरंत संपर्क करें।
इसके अलावा, लीजिंग कंपनी की तरफ से एक फीडबैक फॉर्म आता है जिसे भरना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे भविष्य में ऑफर या बेहतर सर्विस मिलने की संभावना रहती है।
अगर आप अगली कार लीज करने की सोच रहे हैं, तो अब तक का अनुभव आपके निर्णय को आसान बना सकता है। आप चाहें तो उसी कंपनी से दोबारा लीज कर सकते हैं या दूसरी कंपनियों की तुलना भी कर सकते हैं।
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